जनपद चमोली का पर्यटन और अध्यात्म मैं विशेष स्थान है। जहां एक और भारत के चार धाम मैं से एक बद्री धाम है। जहाँ पर आदि गुरु शंकराचार्य जी ने बद्रीनाथ मैं भगवान विष्णु जी की मूर्ति स्थापित की है, वहीं जोशीमठ मैं ज्योतिर्मठ की स्थापना कर धर्म और आस्ता को नया आयाम दिया है। जनपद चमोली मैं पर्यटन की दृष्टि से औली, जोशीमठ, गोपेश्वर, सतोपंत, फूलों की घाटी, हेमकुण्ड साहिब, रामणी, वाण, नंदा देवी यात्रा मार्ग और गौचर मेला आदि अनेकों स्थान और धार्मिक स्थानों के कारण जनपद चमोली का पर्यटन और अध्यात्म मैं विशेष स्थान और महत्व है।
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समा है सुहाना सुहाना, नशे में जहां है
समा है सुहाना सुहाना, नशे में जहां है किसीको किसीकी खबर ही कहाँ है हर दिल में देखो मोहब्बत जवां है कह रही है नजर, नजर से अफसाने हो रहा है ...
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सातवीं से इगारवीं सदी के बीच जोशीमठ कत्यूरी राजाओं की राजधानी थी| जिसका नाम कार्तिकेयपुर था| उस समय कुमाऊँ और गढ़वाल ...
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गोपेश्वर सीमांत जनपद चमोली की राजधानी है, गोपेश्वर नगर मैं भगवान शिव ने तपस्या की थी| जहाँ पर उनका एक भव्या मन्दिर है, जो ग...



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