Ad

Sunday, February 25, 2018

Alaknanda River life effect

अलकनंदा नदी गंगा की सहयोगी नदी है, जो, की गंगा के चार नामों में से एक है| अलकनंदा नदी का उद्गम स्थान सतोपंथ हिमनंद है|  अलकनंदा सतोपंथ से निकल कर बद्रीनाथ के किनारे से होते हुए २२९ किमी० की दुरी तय करती है| अलकनंदा नदी गढ़वाल हिमालय की प्रमुख नदी हैअलकनंदा नदी की औसत गहराई ७ फुट है| अलकनंदा अपने मै कई नदियों और गदेरों से संगम करती हुए बढती जाती है| अलकनंदा नदी पर कई नदियों का संगम और प्रयाग हैजिनमें से प्रमुख पांच प्रयाग हैं|.                               १- विष्णो प्रयाग-जोशीमठ से १० किमि० पीछे अलकनंदा नदी धोली नदी का सगम है] जो की विष्णो प्रयाग के नाम से जाना जाता है|
२- नन्दप्रयाग-नन्दप्रयाग मैं अलकनंदा नदी से नंदाकिनी नदी मिलती है| जिसे नन्द प्रयाग नाम से जाना जाता है|
३- कर्णप्रयाग| कर्णप्रयाग मैं अलकनंदा नदी पिंडर नदी से मिलती है] जो की कर्णप्रयाग नाम से जाना जाता हैं| 
 ४- रुद्रप्रयाग- रुद्रप्रयाग मै अलकनंदा नदी मै मन्दाकिनी का संगम होता है तब उसे रुद्रप्रयाग कहा जाता है|
५- देवप्रयाग-देवप्रयाग मैं अलकनंदा से भागीरथी मिलती है] तब उसे देवप्रयाग कहा जाता है|
     देवप्रयाग से आगे अलकनंदा को गंगा के नाम से जाना जाता है| जो की मोक्षदायिनी है| जिसका आकार विशाल है|










No comments:

Post a Comment

समा है सुहाना सुहाना, नशे में जहां है

  समा है सुहाना सुहाना, नशे में जहां है किसीको किसीकी खबर ही कहाँ है हर दिल में देखो मोहब्बत जवां है कह रही है नजर, नजर से अफसाने हो रहा है ...